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HBSE Class 12th हिन्दी (कोर) 2026 पूर्ण हल (उत्तर)

HBSE Class 12th हिन्दी (कोर) 2026 पूर्ण हल (उत्तर)

HBSE Class 12th हिन्दी (कोर) 2026 PDF

खण्ड – अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)

1. अपठित पद्यांश (क) (i) श्रम और संघर्ष की पीड़ा (ख) (iv) श्रम की सच्चाई का (ग) (i) पाठक को श्रम और संघर्ष की महत्त्व से जोड़ना (घ) (iii) सूर्योदय से पहले (ङ) (iv) कथन (A) असत्य है, परंतु कारण (R) सत्य है।

2. अपठित गद्यांश (क) (i) मानव-मन में जो घटित होता है, वही सृष्टि में घटित होता है। (ख) (iii) मस्तिष्क को छोड़कर लगभग सभी अंगों का प्रत्यारोपण सम्भव है। (ग) (ii) फूँदी (पाठ में “गुर्दे” का स्पष्ट उल्लेख है, OCR त्रुटि संभव) (घ) (iii) मानव-शरीर भी यंत्र की भाँति परस्पर निर्भर अवयवों की संगठित प्रणाली है। (ङ) (iv) मनुष्य को दीर्घायु प्रदान करना

3. आरोह (भाग-2) गद्य-खण्ड (क) (iii) पतंजलि सूत्र (ख) (iii) महामंत्री (ग) (iii) वह बुद्धिमान था। (घ) (iii) शिरीष की डाल मजबूत होती है। (ङ) (i) लोकतंत्र

4. आरोह (भाग-2) काव्य-खण्ड (क) (ii) रोमांचित शरीर (ख) (iv) प्रभावहीन होना (ग) (ii) आकाश को (घ) (iii) कल्पना (ङ) (iv) भालु कपि ब्राता

5. अभिव्यक्ति और माध्यम (क) (ii) वायस ओवर (ख) (i) 10-20 मिनट (ग) (i) संवाददाता (घ) (iii) ‘तहलका डॉटकॉम’ को भारत की पहली साइट कहा जाता है। (ङ) (ii) पूर्णकालिक

6. व्याकरण (क) (i) बन्दूक एक बहुत ही उपयोगी शस्त्र है। (ख) (iv) बेकिजूल बातें मत करो। (ग) (iii) चतुर्भुज (घ) (ii) अनु + एषण (ङ) (iii) (ख) (क) (घ) (ग)

खण्ड – ब (वर्णनात्मक प्रश्न)

7. (क) कवि – तुलसीदास, कविता – रामचरितमानस (उत्तरकांड) (ख) हनुमान ने राम के सामने सारी कथा कही। (ग) महोदर, अकंपन आदि योद्धा महान रणधीर थे, किन्तु वे समर-भूमि में मारे गए। (घ) राक्षसों को कपिन्ह (वानर-सेना) ने मार गिराया। (ङ) अवधी भाषा

(अथवा) पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कवि कहते हैं कि वे अपने हृदय के उद्गार और उपहार लेकर संसार में घूमते फिरते हैं। यह संसार अपूर्ण है, फिर भी उन्हें यह भूला नहीं है। वे स्वप्नों का संसार अपने साथ लिए फिरते हैं। भाव – कवि मनुष्य के आन्तरिक भावों, सपनों और भावुकता को साहित्य के माध्यम से व्यक्त करते हैं। वे पूर्णता की खोज में हैं, किन्तु अपूर्णता ही जीवन की सच्चाई है।

8. (क) ‘वादल राग’ का मूलभाव – वादलों के माध्यम से प्रकृति की जीवन्तता, वर्षा की आशा, जीवन में नई उमंग और समाज में परिवर्तन की कामना व्यक्त हुई है। कवि बादलों को राग गाते हुए दिखाते हैं जो सूखे धरती को हरा-भरा करने का संदेश देते हैं।

(ख) ‘कैफे में बंद अपाहिज’ में निहित क्रूरता – आधुनिक सभ्यता की सबसे बड़ी क्रूरता यह है कि विकलांग व्यक्ति को कैफे में बंद करके रखा गया है। लोग उसे देखते हैं, लेकिन मदद नहीं करते। यह उदासीनता और मानवीय संवेदनहीनता की क्रूरता है जो कवि को बहुत पीड़ा देती है।

9. (i) पाठ – रात्रि, लेखक – जयशंकर प्रसाद (या पाठ्यपुस्तक अनुसार) (ii) भावुक तारा पृथ्वी पर पहुँचने में असफल रहता है, इस असफलता पर अन्य तारे खिलखिलाकर हँस पड़ते हैं। (iii) सियारों का क्रंदन और पेचक की डरावनी आवाज निस्तब्धता को भंग करती थी, इसलिए डरावनी लगती थी। (iv) गाँव की झोपड़ियों से कराहने-कै करने की आवाजें, “हे राम! हे भगवान!” की टेर और बच्चों की “माँ-माँ” की पुकार। (v) पृथ्वी पर कहीं प्रकाश का नाम नहीं था, इसलिए निस्तब्धता छाई हुई थी।

(अथवा) गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या लेखक कहते हैं कि आँख बंद करके सपने देखना मन को बंद कर देता है। यह हठयोग है, सच्चा योग नहीं। इससे मन संकीर्ण और क्षुद्र हो जाता है। हम अपूर्ण हैं, इसी अपूर्णता का बोध सच्चा ज्ञान है। मन को पूरी तरह बंद नहीं करना चाहिए।

10. (क) लेखक ने गाँधी और शिरीष की तुलना इसलिए की क्योंकि दोनों ही कोमल, सरल और सुंदर हैं। शिरीष का फूल नाजुक है, फिर भी पेड़ मजबूत है। ठीक वैसे ही गांधी जी नम्र थे, किन्तु उनके सिद्धांत अटल थे।

(ख) भक्तिन के आने से महादेवी वर्मा देहाती बन गईं क्योंकि भक्तिन ने उन्हें गाँव की भाषा, रीति-रिवाज, खाना पकाना, चूल्हा-चौका आदि सिखाया। वे अब शहर की सज-धज छोड़कर सादा देहाती जीवन जीने लगीं।

11. कहानी को नाट्य-रूपांतरण करते समय ध्यान रखने योग्य बातें :

  • संवादों को संक्षिप्त, प्रभावशाली और मंचोचित बनाना।
  • दृश्य विभाजन (scene division) और मंच निर्देश (stage direction) देना।
  • पात्रों की संख्या सीमित रखना।
  • समय और स्थान का ध्यान रखना।
  • नाटकीयता (dramatic element) बढ़ाना – क्लाइमेक्स, ट्विस्ट आदि।
  • भाषा सरल, बोलचाल की और भावपूर्ण होनी चाहिए।

(अथवा) नशा उन्मूलन में युवाओं की भागेदारी अप्रत्याशित विषय पर रचनात्मक लेख (लेख लिखकर उत्तर दें – 5 अंक)

12. (क) फ़ीचर – विस्तृत, गहन और मनोरंजक लेख जो किसी विषय पर गहराई से चर्चा करता है। समाचार-लेखन से अन्तर – समाचार तथ्यपरक, समयबद्ध और संक्षिप्त होता है, जबकि फ़ीचर विस्तृत, भावपूर्ण और पाठक को आकर्षित करने वाला होता है।

(ख) रेडियो समाचार-लेखन के बुनियादी नियम :

  • भाषा सरल, स्पष्ट और बोलचाल की हो।
  • वाक्य छोटे और एक विचार वाला।
  • उच्चारण आसान शब्दों का प्रयोग।
  • महत्वपूर्ण तथ्य पहले, विवरण बाद में।
  • श्रोता की एकाग्रता का ध्यान रखते हुए 10-20 मिनट की अवधि।

13. (क) किशनदा के चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ :

  • सरल, सहज और निस्वार्थ।
  • बच्चों से बहुत प्रेम, उन्हें कहानियाँ सुनाना।
  • मेहनती और सच्चरित्र।
  • गाँव की परम्पराओं से जुड़े।

(ख) सिंधु-घाटी सभ्यता साधन-सम्पन्न थी, पर भव्यता का आडंबर नहीं था क्योंकि वहाँ बड़े-बड़े महल, मंदिर या राजप्रासाद नहीं थे। घर साधारण ईंटों के बने, किन्तु नियोजित और स्वच्छ थे।

(ग) अध्यापक की प्रेरणा और मार्गदर्शन की विशेषता ने लेखक का जीवन बदल दिया। (आपका व्यक्तिगत अनुभव भी लिखें।)

14. (क) व्यंजन संधि – जब दो व्यंजनों के मेल से संधि होती है। उदाहरण : सत् + जन = सज्जन, वाक् + ईश = वागीश।

(ख) [i] श्लेष अलंकार – एक शब्द के अनेक अर्थ निकलने पर श्लेष अलंकार होता है। उदाहरण : “राम नाम मनिदीप धरु, जीह देहरी द्वार। तुलसी भीतर बाहिरौ, जौ चाहसि उजियार।”

[ii] उपरोक्त पंक्तियों में श्लेष अलंकार है (पार शब्द के दो अर्थ – नदी का किनारा और दूसरी तरफ)।

15. (क) दुर्गा भाभी ने भगत सिंह और राजगुरु को लाहौर से निकालने में मदद की। उन्होंने पुलिस की नजर बचाकर उन्हें भेष बदलकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई।

(ख) मन की स्थिरता व मजबूती के लिए – ध्यान, योग, सकारात्मक सोच, गीता का अध्ययन और नियमित अभ्यास करना चाहिए।

(ग) ‘गीता’ की व्यावहारिक सोच (कर्मयोग) मनुष्य को फल की चिन्ता छोड़कर कर्तव्य करने की प्रेरणा देती है। इससे तनाव कम होता है और सफलता मिलती है।

(घ) एकाग्रचित व्यक्ति लक्ष्य पर पूर्ण ध्यान केंद्रित करता है, बाहरी विकर्षणों से बचता है और निरंतर प्रयास से सफलता प्राप्त करता है।

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